ग्रंथसार
मथुरा में प्रवाहित यमुना का जल साक्षात भक्तवत्सल भगवान कृष्ण की भक्ति का रस है, जिसमें स्नान करने से जीव मुक्त हो जाता है।
वराह पुराण · अध्याय 48
यमुना स्नान का पुण्य