ग्रंथसार
शरणागत की रक्षा का वचन देकर भगवान श्रीराम उससे कैसे हट सकते थे—माता सीता के स्नेहपूर्ण परामर्श का उत्तर इसी प्रश्न में निहित था।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 10
सीता के प्रति श्रीराम का उत्तर एवं प्रतिज्ञा का संकल्प