महर्षि अगस्त्य का माहात्म्य और उनके आश्रम की ओर प्रस्थान
वन के एक सरोवर से उठता अदृश्य संगीत और दक्षिण दिशा को निर्भय बनाने वाले महर्षि का तपोबल—इस यात्रा में भगवान श्रीराम के सामने तपस्या के दो अद्भुत रूप प्रकट हुए।
हिन्दी कथा
महर्षि अगस्त्य का माहात्म्य और उनके आश्रम की ओर प्रस्थान
अरण्यकाण्ड · सर्ग 11
महर्षि अगस्त्य का माहात्म्य और उनके आश्रम की ओर प्रस्थान