ग्रंथसार
महर्षि अगस्त्य के आश्रम में भगवान श्रीराम का स्वागत केवल अतिथि-सत्कार से नहीं, दिव्य आयुधों के अनुपम उपहार से भी हुआ।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 12
महर्षि अगस्त्य के आश्रम में प्रवेश