ग्रंथसार
जिस रावण के सामने बड़े-बड़े वीर सहमते थे, उसी की सभा में शूर्पणखा ने उसके राजत्व पर प्रश्न खड़ा कर दिया।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 33
शूर्पणखा द्वारा रावण को धिक्कार