ग्रंथसार
प्रचलित सर्ग-क्रम में शूर्पणखा का धिक्कार सर्ग 33 में है; सर्ग 34 में उसी फटकार के बाद वह रावण को माता सीता के हरण के लिए उकसाती है।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 34
शूर्पणखा द्वारा रावण को धिक्कार