ग्रंथसार
रावण जिसे विजय की योजना समझ रहा था, मारीच उसी में लंका के सर्वनाश का संकेत देख रहा था।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 37
मारीच द्वारा रावण को श्रीराम के पराक्रम की चेतावनी