ग्रंथसार
सीता की करुण पुकार सुनकर जटायु का क्रोध अग्नि की भांति प्रज्वलित हो उठा और उन्होंने आकाश मार्ग में ही रावण को चुनौती दी।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 50
जटायु द्वारा रावण को चेतावनी