ग्रंथसार
खर और दूषण की मृत्यु का समाचार पाकर लंकापति रावण का क्रोध ज्वाला की तरह भड़क उठा।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 56
रावण द्वारा जनस्थान में आठ राक्षसों को भेजा जाना