ग्रंथसार
सीता के विछोह में श्रीराम का व्याकुल हृदय प्रकृति के कण-कण से अपनी प्रिया का पता पूछता है।
अरण्यकाण्ड · सर्ग 62
श्रीराम का विलाप और गहरा संताप