ग्रंथसार
अभिषेक का शुभ समाचार सुनाने आए महाराज दशरथ को क्या पता था कि उनकी स्नेहभरी मनुहार ही उन्हें एक कठोर माँग के सामने बाँधने वाली है।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 10
कैकेयी का कोपभवन में प्रवेश