ग्रंथसार
भरत को हृदय से लगाकर भगवान श्रीराम ने जो कुशल पूछी, उसमें एक पूरे राज्य के सुख, सुरक्षा और न्याय की चिंता समाई थी।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 100
श्रीराम द्वारा भरत को राजधर्म का उपदेश