ग्रंथसार
बीती हुई रात लौट नहीं सकती—भगवान श्रीराम ने इसी सरल सत्य से भरत के शोक को कर्तव्य की दिशा दी।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 105
काल और जीवन की नश्वरता पर श्रीराम का उपदेश