ग्रंथसार
भगवान श्रीराम लौटे नहीं, पर उनकी पादुकाएँ लेकर लौटते भरत के आचरण में महर्षि भरद्वाज ने धर्म की दृढ़ प्रतिष्ठा देखी।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 113
भरत का प्रत्यागमन और महर्षि भरद्वाज से भेंट