ग्रंथसार
एक ओर माता का असह्य शोक था, दूसरी ओर भाई का प्रचंड रोष—पर भगवान श्रीराम के लिए पिता के वचन से बढ़कर कोई राज्य नहीं था।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 21
कौशल्या और लक्ष्मण को श्रीराम का समझाना