ग्रंथसार
जिस पुत्र को माता कौशल्या वन जाने से रोक नहीं सकीं, उसकी रक्षा के लिए उन्होंने देवताओं से लेकर वन के छोटे-छोटे जीवों तक से मंगल की प्रार्थना की।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 25
माता कौशल्या द्वारा श्रीराम का मंगलाचरण एवं रक्षा-विधान