ग्रंथसार
जिनके पीछे चतुरंगिणी सेना चलती थी, उन्हें आज पैदल देखकर अयोध्यावासियों को लगा—यदि वे वन चले गए, तो इस नगरी में बचेगा ही क्या?
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 33
अयोध्या के मार्ग पर श्रीराम का पद-संचरण