ग्रंथसार
रथ की धूल ओझल हुई तो महाराज दशरथ धरती पर गिर पड़े—और होश सँभालते ही उन्होंने कैकेयी से अपना संबंध तोड़ दिया।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 42
दशरथ का विलाप और कैकेयी का परित्याग