ग्रंथसार
जब भगवान श्रीराम नहीं लौटे, तो वृद्ध ब्राह्मण उनके रथ के घोड़ों से ही विनती करने लगे—हमें छोड़कर इन्हें वन मत ले जाओ!
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 45
तमसा नदी के तट पर प्रथम विश्राम