ग्रंथसार
वन की उस रात भगवान श्रीराम को अपने कष्ट से अधिक पीड़ा इस बात की थी कि उनके बिना माता-पिता का सहारा कौन बनेगा।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 53
वृक्ष के नीचे श्रीराम का विलाप और लक्ष्मण का सांत्वना