ग्रंथसार
सुमन्त्र ने लौटकर बताया—शोक केवल अयोध्या में नहीं था; वन, जलाशय और राजरथ के अश्व भी मानो उसी विरह में डूबे थे।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 59
सुमन्त्र द्वारा प्रकृति और अयोध्या के शोक का वर्णन