ग्रंथसार
राज्य सामने था, पर भरत के लिए सबसे बड़ा संकट यह था कि कहीं माता कौशल्या उन्हें भगवान श्रीराम के वनवास का सहभागी न मान लें।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 75
कौशल्या के सम्मुख भरत की सौगंध