ग्रंथसार
राजसभा भरत को राज्य सौंपना चाहती थी, पर भरत की दृष्टि उस सिंहासन पर नहीं, वन में रहने वाले उसके सच्चे अधिकारी पर थी।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 82
वशिष्ठ द्वारा राजसभा का आयोजन