ग्रंथसार
उस रात श्री लक्ष्मण की आँखों में नींद नहीं थी—सामने भूमि पर सोए भगवान श्रीराम थे और मन में अयोध्या के उजड़ जाने की आशंका।
अयोध्याकाण्ड · सर्ग 86
गुह द्वारा लक्ष्मण के रात्रि-जागरण का वर्णन