ग्रंथसार
अयोध्या में यज्ञ की तैयारी केवल वेदी और सामग्री की नहीं थी—यह सुनिश्चित करना भी था कि किसी अतिथि या कर्मी का तनिक भी अनादर न हो।
बालकाण्ड · सर्ग 13
अतिथियों का आगमन