ग्रंथसार
एक सहस्र हाथियों का बल पाने वाली ताड़का विनाश का कारण कैसे बनी—और उसका वध राजधर्म क्यों ठहरा?
बालकाण्ड · सर्ग 25
ताड़का की कथा