ग्रंथसार
एक रानी ने वंश बढ़ाने वाला एक पुत्र माँगा, दूसरी ने साठ हजार बलवान पुत्र—पर संतान का मिलना और उसका सदाचारी होना एक ही बात नहीं थी।
बालकाण्ड · सर्ग 38
सगर के पुत्र