ग्रंथसार
जिस पराजय ने महाराज विश्वामित्र को तपस्या की ओर मोड़ा, उसी का प्रतिशोध उन्हें दिव्यास्त्रों सहित फिर महर्षि वसिष्ठ के द्वार पर ले आया।
बालकाण्ड · सर्ग 55
विश्वामित्र की शिव-तपस्या और वशिष्ठ-आश्रम पर आक्रमण