ग्रंथसार
जिस दिव्य धनुष को अनेक राजा उठा भी न सके, उसी से जुड़ी थी धरती से प्राप्त माता सीता के विवाह की प्रतिज्ञा।
बालकाण्ड · सर्ग 66
दिव्य धनुष की गाथा और सीता जी का प्राकट्य