ग्रंथसार
सुग्रीव की दूसरी ललकार में बालि को केवल चुनौती सुनाई दी, पर तारा ने उसके पीछे खड़ी अदृश्य शक्ति को पहचान लिया।
किष्किन्धाकाण्ड · सर्ग 15
तारा द्वारा बालि को हितकारी परामर्श