ग्रंथसार
वाली ने तारा से सुग्रीव को हराकर लौटने की बात कही थी; पर युद्धभूमि में उसके वक्ष की ओर भगवान श्रीराम का बाण बढ़ रहा था।
किष्किन्धाकाण्ड · सर्ग 16
वाली का पतन