ग्रंथसार
उत्तर की खोज में हिमालय ही नहीं, ऐसे प्रदेश भी आने थे जहाँ सूर्य के बिना प्रकाश था—पर उस यात्रा की एक निश्चित अन्तिम सीमा भी थी।
किष्किन्धाकाण्ड · सर्ग 43
उत्तर दिशा में शतबली का प्रस्थान