ग्रंथसार
गुफा के अंधकार से निकलकर वानरों ने खुला आकाश तो पा लिया, पर बीत चुकी समय-सीमा ने उनके सामने मृत्यु का भय खड़ा कर दिया।
किष्किन्धाकाण्ड · सर्ग 53
अंगद का विषाद और प्रायोपवेशन का निर्णय