ग्रंथसार
जिस भवन में भोग की हर वस्तु उपस्थित थी, वहाँ माता सीता का अभाव श्री हनुमान को अपने ही मन की परीक्षा तक ले गया।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 11
पानभूमि का दृश्य और हनुमान जी का धर्म-चिन्तन