ग्रंथसार
अशोक वाटिका में आभूषणों की झंकार उठी—रावण का सारा वैभव उसके भीतर की आसक्ति को ढक नहीं पा रहा था।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 18
रावण का अशोक वाटिका में आगमन