ग्रंथसार
रावण के समूचे ऐश्वर्य के सामने माता सीता ने एक तिनका रखा और उसे धर्म, मर्यादा तथा उसके आने वाले विनाश का निर्भीक उत्तर दिया।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 21
सीता जी का रावण को निर्भीक उत्तर