ग्रंथसार
रावण चला गया था, पर उसके पीछे छूटी राक्षसियाँ अब उसके कुल, बल और वैभव को माता सीता की स्वीकृति पाने का हथियार बनाने लगीं।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 23
राक्षसियों द्वारा सीता को प्रलोभन व भय दिखाना