ग्रंथसार
राक्षसियों की धमकियों के बीच माता सीता का शरीर काँप रहा था, पर उनके अडिग उत्तर को भय भी नहीं बदल सका।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 25
सीता का विलाप और गहन संताप