ग्रंथसार
असह्य शोक में भी माता सीता का विश्वास बार-बार जाग उठता था—भगवान श्रीराम को मेरा पता मिल जाए, तो लंका का यह अभिमान टिक नहीं सकेगा।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 26
सीता का विलाप और प्राण त्याग का विचार