ग्रंथसार
निराशा जब माता सीता को जीवन के अंतिम निर्णय तक ले आई, तभी शुभ संकेतों ने उस अँधेरे क्षण में धैर्य की एक किरण जगा दी।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 28
सीता का विलाप और प्राण त्यागने का संकल्प