ग्रंथसार
घोर निराशा के अंधकार में डूबी माता जानकी के जीवन में अचानक शुभ शकुनों का मंगलकारी प्रकाश कैसे छा गया, आइए सुनते हैं।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 29
सीता जी को शुभ शकुन