ग्रंथसार
अशोकवृक्ष के नीचे एक विनम्र प्रश्न उठा—‘क्या आप ही भगवान श्रीराम की पत्नी सीता हैं?’—और विरहिणी के हृदय में सँजोया पूरा वृत्तान्त शब्द बनकर बह चला।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 33
हनुमान जी और सीता जी का प्रथम संवाद