ग्रंथसार
जिस अग्नि से राक्षस श्री हनुमान को दण्ड देना चाहते थे, वही अब लंका के दुर्ग और वैभव की परीक्षा बनने वाली थी।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 54
लंका-दहन और सागर में अग्नि-शमन