ग्रंथसार
लंका से लौटे श्री हनुमान का वृत्तांत केवल विजय की कथा नहीं था—उसमें माता सीता की पीड़ा, संकटों की परीक्षा और आशा की रक्षा का पूरा समाचार था।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 58
हनुमानजी द्वारा वानरों को लंका-यात्रा का वृत्तांत सुनाना