ग्रंथसार
लंका से केवल माता सीता का पता नहीं आया था—एक चूड़ामणि, दो आत्मीय स्मृतियाँ और जीवन की अंतिम समय-सीमा भी आई थी।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 65
हनुमान द्वारा श्री राम को सीता की दशा का वर्णन