ग्रंथसार
चूड़ामणि को हृदय से लगाते ही भगवान श्रीराम के लिए माता सीता की स्मृति इतनी सजीव हो उठी कि उनका वियोग और भी असह्य हो गया।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 66
चूड़ामणि देखकर श्रीराम का विलाप