ग्रंथसार
जिसने एक कौए के अपराध पर अचूक अस्त्र चला दिया था, उन्हीं भगवान श्रीराम तक माता सीता ने अपनी रक्षा की करुण पुकार भेजी थी।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 67
हनुमान द्वारा सीता का संदेश-कथन