ग्रंथसार
विदा की बेला में माता सीता के मन में एक प्रश्न ठहर गया था—समुद्र के उस पार से दोनों भाई और पूरी सेना लंका कैसे पहुँचेंगे?
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 68
हनुमान द्वारा सीता जी के अंतिम संदेश का वर्णन