ग्रंथसार
लंका के अपार वैभव के बीच पुष्पक विमान सामने था—पर श्री हनुमान की आँखें उस अनुपम सौन्दर्य में भी माता सीता को ही खोज रही थीं।
सुन्दरकाण्ड · सर्ग 7
पुष्पक विमान का दिव्य दर्शन