ग्रंथसार
आइए सुनें, कैसे विश्रवा के आश्रम में दशग्रीव और उनके भाइयों का प्राकट्य हुआ और उन्होंने गोकर्ण तीर्थ में कठोर तप कर भगवान ब्रह्मा जी से अद्भुत वरदान प्राप्त किए।
उत्तरकाण्ड · सर्ग 10
राक्षस बन्धुओं का जन्म और घोर तपस्या